मनीष गुप्ता केस में असल दोषी कौन?

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मनीष गुप्ता के मौत की मिस्ट्री सुलझने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ जहां मनीष की मौत का कारण पुलिस गिरने की वजह बता रही तो वहीं दूसरी तरफ परिवार वालों का आरोप है कि मनीष की मौत पुलिस वालों के मारने की वजह से हुई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट के अलावा शरीर पर घाव के निशान सामने आए हैं। इससे एक बात तो साफ है कि सिर्फ गिरने भर से ऐसी चोट संभव नहीं है। दूसरे, होटल के कमरे में गिरने से इस तरह की चोट पर भी सवाल उठ रहा है।

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फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं आज मनीष के कानपुर स्थित आवास पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी पहुँचे जहां उन्होंने परिवार को 20 लाख की सहायता राशि दी साथ ही मनीष की मौत के केस में निष्पक्ष जांच की मांग की।

मनीष गुप्ता केस में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें परिवार वालों से गोरखपुर के DM और एसएसपी बात करते नजर आ रहे हैं..

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वीडियो की पुष्टि करते हुए मीनाक्षी ने कहा ​कि मंगलवार की रात 8 से रात 12 बजे तक अधिकारियों और परिवार की दो बार मीटिंग हुई। इसमें DM विजय किरन आनंद और SSP डॉ. विपिन ताडा ने किसी भी हाल में केस न दर्ज कराने की ‘सलाह’ दी।

मीनाक्षी का आरोप है कि इस मामले में जितने दोषी रामगढ़ताल थाने के पुलिस वाले हैं, उतने ही दोषी वहां के SSP डॉ. विपिन ताडा और DM विजय किरन आनंद हैं, जो एक विधवा औरत की मदद करने के बजाय, हत्यारे पुलिस वालों को बचाने में जुटे रहे।

फिलहाल इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है।

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