नियर टू होम और वर्कप्लेस कॉन्सैप्ट पर जुलाई में चलेगा टीकाकरण का महाभियान

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गोरखपुर। जिले में अगले माह से शुरू होने वाले कोविड-19 टीकाकरण के महाभियान की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जनपदवासियों को यह सुविधा नियर टू होम और वर्कप्लेस के कॉन्सैप्ट पर दी जाएगी।

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इस महाभियान के तहत पूरे प्रदेश में जुलाई में रोजाना 10 लाख लोगों का कोविड टीकाकरण होना है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दिये हैं।

पत्र के अनुसार ब्लॉक और नगरीय निकायों को एक इकाई मानते हुए उन्हें कलस्टर में बांटा जाएगा और कोशिश होगी कि टीकाकरण टीम सभी कलस्टर्स में एक बार अवश्य पहुंच जाएं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय के स्तर से भी शासन की मंशा के अनुसार माइक्रोप्लानिंग करने को कहा गया है।

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पत्र के अनुसार प्रत्येक कलस्टर में मोबिलाइजेशन ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इस ग्रुप में ग्राम प्रधान, लेखपाल, आशा एवं आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, पंचायत सचिव, युवक मंगल दल और महिला मंगल दल के सदस्य शामिल होंगे।

यह ग्रुप कलस्टर में टीकाकरण से तीन दिन पहले ही टीकाकरण हेतु वातावरण निर्माण, टीकाकरण के प्रति जनजागरूकता और लोगों को टीकाकरण के लिए तैयार करने का दायित्व संभालेगा।

कुल 100 राजस्व ग्रामों को आठ से 12 कलस्टर्स में बांटा जाएगा और प्रत्येक कलस्टर में आठ से 12 राजस्व ग्राम इस प्रकार रखे जाएंगे कि वह भौगोलिक तौर से एक साथ जुड़े हों और सभी में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की आबादी एक समान हो।

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टीकाकरण टीम का गठन इस प्रकार किया जाएगा कि एक कलस्टर में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण महज चार से छह दिनों में पूरा किया जा सके।

अतिरिक्त वैक्सीनेटर्स का भी दिशा-निर्देश

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि दिशा-निर्देश के मुताबिक कलस्टर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ब्लॉक में उपलब्ध टीकाकरण कर्मचारियों (वैक्सीनेटर्स) के अलावा अतिरिक्त वैक्सीनेटर आउटसोर्सिंग के आधार पर लिये जाएंगे। जुलाई माह के लिए प्रस्तावित इस टीकाकरण रणनीति को स्केल अप करने के लिए जून माह में ही चार कलस्टर्स में पॉयलट करने की भी योजना है।

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गठित होगी सीआरटी

कलस्टर स्तर पर टीकाकरण के दौरान अगर कोई प्रतिकूल घटना होती है तो उससे निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की दो टीम बनेंगी। इन टीम के समूह को कलस्टर रिस्पांस टीम (सीआरटी) कहा जाएगा।

इन टीम में चिकित्सक और पैरामेडिकल होंगे और उनके पास हर प्रकार की दवाएं रहेंगी जिससे टीकाकरण के अपवादस्वरूप होने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर नियंत्रण किया जा सके। आवश्यकता होने पर 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की सुविधा लेकर लाभार्थी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाने का भी इंतजाम रहेगा।

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