SC से NEET काउंसलिंग शुरू करने की मिली अनुमति, पर आरक्षण नीति से उम्मीदवार नाखुश

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है, NEET के अधिकांश उम्मीदवारों ने चार महीने बाद प्रक्रिया शुरू होने पर राहत व्यक्त किया है। हालांकि, कई उम्मीदवार नई आरक्षण नीति से नाखुश भी हैं। 

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सरकार ने अखिल भारतीय कोटा के तहत मेडिकल और डेंटल कॉलेजों की सीटों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की है। कुल सीटों में से 50 फीसदी स्नातकोत्तर और 15 फीसदी स्नातक सीटें एआईक्यू द्वारा भरी जाती हैं।

उम्मीदवारों के एक समूह ने आरक्षण नीति के खिलाफ SC में याचिका दायर की थी। हालांकि SC ने इस सत्र के लिए नीति को रोके रखने की अनुमति दी और कहा कि वह लाभ की सीमा के रूप में 8 लाख रुपये की पारिवारिक आय रखने के पीछे के तर्क पर फिर से विचार करेगा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि काउंसलिंग “राष्ट्रहित” में शुरू होनी चाहिए।

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उम्मीदवारों ने मौजूदा आरक्षण नीति पर ऐतराज जताते हुए  अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया।

एक ऐसे देश में रहने की शर्म से मेरा सिर झुक जाता है, जिसने कभी योग्यता को महत्व नहीं दिया। मैं हर मरीज का इलाज अपनी पूरी क्षमता से करता रहूंगा, ये मेरी नैतिकता हैं लेकिन मैं यह कभी नहीं भूलूंगा कि सत्ता में लोग कितने रीढ़विहीन हैं  यह नकली लोकतंत्र हैं।-  शुभ्रा छाजेद (@Shubhra_011) 7 जनवरी, 2022

एक और नियम बना दो साथ ही। की अगली बार से सामान्य श्रेणी के लिए आवेदन वह नहीं है। कृपया। मेहनती उम्मीदवारों की आशाओं को छोड़ दें। उन्हें कुछ उपयोगी परीक्षा में खुद को निवेश करने दें। #NEETPG2021  – मिज़पा फ़ारिग (@mizpaah_faarig) 6 जनवरी, 2022

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