एसडीएम सहजनवा पर ड्यूटी कर रहे लेखपालों से दुर्व्यवहार का आरोप, नाराज लेखपालों ने छोड़ी ड्यूटी

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गोरखपुर। कोरोना संकट के समय जहां एक तरफ संक्रमित मरीज ऑक्सीजन, अस्पताल में बेड के लिए परेशान है वहीं दूसरी तरफ इस महामारी में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी भी त्रस्त हैं।

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ताजा मामला गीडा के एक ऑक्सीजन गैस प्लांट का है जहां पर तैनात 2 लेखपालों के साथ एसडीएम सहजनवा के ऊपर अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगा है।

बताया गया कि सहजनवा स्थित गीडा के RK ऑक्सीजन प्लांट पर सदर तहसील के 2 लेखपाल अनिल श्रीवास्तव और अर्जुन की ड्यूटी लगाई गई थी। जो वहां पर वितरण व्यवस्था में सरकार की तरफ से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।

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आरोप है कि 6 मई को रात 8:00 बजे के करीब सहजनवा एसडीएम सुरेश राय वहां पहुंचे और उन्होंने लेखपालों के साथ मारपीट की और उन्हें प्लांट के परिसर से बाहर चले जाने को कहा।

जबकि लेखपालों का कहना है कि वह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुलदीप मीणा के आदेश पर यहां ड्यूटी कर रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें परिसर से बाहर कर दिया गया। लेखपालों ने अपने साथ मारपीट का भी आरोप लगाया है।

इस संदर्भ में सजनवा एसडीएम से बात करने पर उन्होंने कहा कि “कोई विवाद नहीं हुआ है। ऑक्सीजन प्लांट पर भीड़ ज्यादा थी। भीड़ को हटाया जा रहा था उसी दौरान गलती से एक लेखपाल से धक्का-मुक्की हो गई ऐसा भीड़ ज्यादा होने की वजह से हुआ।”

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इस संदर्भ में जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गोरखपुर से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

आज इस घटना के संदर्भ में तहसील सदर के लेखपालों ने बैठक कर इस घटना की निंदा करते हुए सजनवा एसडीएम पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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इस संदर्भ में बताते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की सदर तहसील शाखा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृजेश सागर सिंह ने कहा कि “लेखपालों का इस तरह से उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कोविड महामारी में भी हम जान हथेली पर लेकर अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में अगर हमारे साथ दुर्व्यवहार किया जाएगा तो यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होगा। पत्र के माध्यम से उच्च पदाधिकारियों को इसकी सूचना देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।”

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