सिंघड़िया जलभराव पर स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, देवरिया राजमार्ग किया बंद

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गोरखपुर। लगभग एक दशक से बरसात के समय जल भराव की समस्या झेल रहे सिंघाड़िया के नागरिकों का गुस्सा आज फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि फजीहत से बचने के लिए कोई स्थाई उपाय करने के बजाए सरकार आनन-फानन में सड़क ऊंची करा दे रही है।

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इससे मालवीय नगर, सिंघाड़िया जैसे कॉलोनियों के हजारों घर कई महीने पानी में डूब जा रहे हैं। इसकी कहीं कोई सुनवाई नहीं है। सिर्फ रास्ता ऊंचा करना कोई उपाय नहीं है जब तक स्थाई नाले का निर्माण नहीं हो जाता तब तक इस जलभराव से निजात नहीं मिलने वाली है।

अगर बात करें स्थाई उपाय की तो उसे 4 सालों से कूड़ाघाट से लेकर रानीडीहा तक की सड़क का निर्माण किया जा रहा है लेकिन अभी भी यह पूरा नहीं हो पाया है। इसे लेकर सदर सांसद रवि किशन और गोरखपुर शहर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल में के बीच भी रस्साकशी हो चुकी है। तब भी कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला गया।

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जब स्थानीय लोगों के घरों में घुटने भर से अधिक पानी लगने लगा और जल निकासी की कोई व्यवस्था में ना हो पाई तो आज मजबूर होकर स्थानीय नागरिकों ने गोरखपुर देवरिया राजमार्ग को बांस बल्ली उसे घेर दिया।

हालांकि थोड़ी देर बाद ही प्रशासन ने उस रास्ते को खुलवा दिया लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द इस का कोई समाधान नहीं निकाला गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।

आपको बता दें कि गोरखपुर देवरिया राजमार्ग पर सिंघड़िया के पास दशकों से जलभराव होता आया है। इसके लिए एक नाली का भी निर्माण कराया जा रहा है है जो कि आज तक पूरा नहीं हो पाया है।

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सपा सरकार में शुरू हुए इस नाले के काम में शहर विधायक ने कई आपत्ति जताते हुए इसका विरोध किया था। हालांकि पुनः उस नाले का निर्माण शुरू हुआ लेकिन अभी भी कई जगहों पर वह नाला निर्माणाधीन है।

इसके अलावा कूड़ाघाट से लेकर रानीडीहा तक 5 किलोमीटर की सड़क को मॉडर्न सड़क के रूप में भी विकसित किया जा रहा है पिछले लगभग 5 सालों से यह काम अनवरत जारी है लेकिन आज तक पूरा नहीं हो पाया है इस वजह से भी तमाम दिक्कतें हो रही हैं।

पिछले दिनों इस जलभराव में एक रोडवेज की बस दुर्घटना ग्रसित होते हुए बाल बाल बची थी उसमें सवार लगभग 35 यात्रियों की जान पर आफत बन आई थी। किसी तरह ड्राइवर के बगल में स्थित दरवाजे से निकालकर यात्रियों की जान बचाई गई थी। इसके अलावा तमाम छोटी बड़ी दुर्घटनाएं रोज उस जलभराव में फंस कर हो रही हैं।

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