गजब : जीजा की जगह साला करता था पुलिस की नौकरी, मामला खुला तो जीजा हिरासत में साला फरार

0
242
Advertisement

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में पुलिस विभाग में एक हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है. यहां एक बंदा अपने जीजा के नाम 5 साल तक पुलिस कांस्टेबल पद पर नौकरी करता रहा. किसी ने गोपनीयता बरकरार रखते हुए पुलिस विभाग में इस फर्जीवाड़े की शिकायत की तब जांच ​शुरू हुई.

Advertisement

आरोपी सुनील उर्फ सन्नी को पुलिस ने हिरासत में ले​ लिया है. वहीं उसके जीजा अनिल कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. साला-बहनोई के खिलाफ ठाकुरद्वारा थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. डीआईजी शलभ माथुर ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं.

अनिल साल 2011 में यूपी पुलिस में भर्ती हुआ
अनिल कुमार मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे का रहने वाला है. उसका साला सुनील कुमार भी खतौली का ही रहने वाला है. साल 2011 में अनिल यूपी पुलिस में कांस्टेबल पद पर भर्ती हुआ था.

Advertisement

साल 2016 में उसका चयन शिक्षा विभाग में टीचर पद पर हो गया. अनिल कुमार ने पुलिस कांस्टेबल की नौकरी से इस्तीफा दिए बगैर शिक्षा विभाग में दूसरी नौकरी जॉइन कर ली.

साल 2017 में कांस्टेबल अनिल कुमार की ड्यूटी मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र में डॉयल 112 में लगाई गई. यहां उसने महज चार महीने नौकरी की और विभागीय सांठगांठ करके खुद की जगह अपने साले सुनील उर्फ सन्नी को एडजस्ट करा दिया. तब से अनिल के नाम पर उसका साला सुनील ही कांस्टेबल की नौकरी कर रहा था. ठाकुरद्वारा पीआरवी नंबर 281 पर उसकी ड्यूटी थी.

ट्रेनिंग में दो बार फेल हुआ था कांस्टेबल अनिल
सीओ ठाकुरद्वारा डॉ. अनूप यादव ने बताया कि मुजफ्फरनगर में खतौली थाना क्षेत्र के गांव दाहौड़ निवासी अनिल कुमार पुत्र सुखपाल सिंह प्रशिक्षण के दौरान दो बार फेल हुआ था.

Advertisement

पहली बार उसका प्रशिक्षण बरेली में हुआ था. इसके बाद उसका मेरठ में हुए प्रशिक्षण में भी वह फेल हो गया था. तीसरी बार गोरखपुर में हुए प्रशिक्षण में वह उत्तीर्ण हुआ.

इसके बाद 2012 में उसने नौकरी जॉइन की थी. उसकी पहली तैनाती बरेली में हुई, जहां वह 2012 से 2016 तक पीआरवी में रहा. साल 2017 में उसका तबादला मुरादाबाद जनपद को हुआ.

अनिल ने अपने साले सुनील को घर पर ही ​हथियार चलाने और पुलिस विभाग में काम आने वाली अन्य बारीकियों के बारे में ट्रेनिंग दिया था. मुरादाबाद रेंज के डीआईजी शलभ माथुर का कहना है कि विभागीय मिलीभगत की जांच और कार्रवाई होगी.

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement