क्या योगी के गैरमौजूदगी में गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी लहरा पाएगी अपना परचम।

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नीतीश गुप्ता
गोरखपुर।

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गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के दिनांक घोषित हो चुके हैं। सभी पार्टियां उपचुनाव की तैयारियों में जोर शोर से लग गयी है। प्रशासन की तरफ से 20 फरवरी 2018 तक नामांकन दाखिल करा सकते है। आपको बताते चलें कि चुनाव आयोग की तरफ से लोकसभा उपचुनाव गोरखपुर और फूलपुर में 11 मार्च 2018 को होने है।

अब देखना यह होगा कि जनता अपना मत किसको देती है?
हालांकि लोगों की माने तो गोरखपुर संसदीय सीट योगी आदित्यनाथ के छोड़ने के बाद अब बीजेपी के लिए सुरक्षित नहीं है। जिस तरीके से चुनावी माहौल गर्म है, उससे यह आशंका जताई जा रही है की गोरखपुर की जनता अबकी अपना मन दूसरे पार्टी की ओर मोड़ सकती है।
आशंका जताई जा रही है कि बीजेपी के ही कुछ कार्यकर्ता लोकसभा उपचुनाव में अपना रुख मोड़ सकते हैं,इसका कारण ये बताया जा रहा है कि चुनाव में कार्यकर्ताओं की ओर से दिए गए नामों पर चर्चा ही नही होगी,ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कैंडिडेट का चयन योगी खुद करँगे या फिर कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए नामों में से किसी एक पर योगी दांव खेलेंगे!
कुछ दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए स्वामी चिन्मयानंद को टिकट देने का प्रस्ताव रखा था,जिसके बाद कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओ में इसका रोष देखने को मिला।
आए दिन गोरखपुर की महिला मोर्चा पूर्व महापौर सत्य पांडे के लिए टिकट की मांग कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में अपने पुराने कार्यकर्ताओं पर ही दांव खेलेंगे जिसमें सबसे पहला नाम गोरखपुर बीजेपी के क्षेत्राधिकारी उपेंद्र दत्त शुक्ला का आ रहा है। इसी दौड़ में गोरखपुर नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल, धर्मेंद्र सिंह भी शामिल है।
हाल ही में हुए राजस्थान लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी को करारी हार मिली है। विपक्षी पार्टियों की माने तो राजस्थान में मिली बीजेपी की हार ही आने वाले 2019 की लोकसभा चुनाव के नतीजे भी बतलाते हैं।
आपको बताते चले कि 11 मार्च 2018 को गोरखपुर में उपचुनाव होने है,और सभी पार्टियां इसकी रणनीति में लग गयी है। सूत्रों की माने तो खुद योगी आदित्यनाथ चुनाव प्रचार प्रसार के लिए 4 से ज्यादा जनसभाओं को संबोधित कर सकते हैं।
कुछ लोगों की माने तो गोरखपुर में हिंदुत्व की राजनीति होती है और हिंदुत्व पर योगी आदित्यनाथ की पकड़ बहुत ही अच्छी है।अब ऐसे में देखना होगा कि राष्ट्र हिंदू महासभा की ओर से स्वामी चक्रपाणि भी हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव में अपना दांव खेलेंगे वो कहां तक कारगर साबित होगा।

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14 मार्च 2018 को चुनाव के परिणाम घोषित होंगे।अब देखना होगा कि क्या योगी आदित्यनाथ की गैरमौजूदगी में बीजेपी पर भरोसा करेगी जनता।

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